किरण मोरे - भारत - रिकॉर्ड

पूरा नाम -

किरण शंकर मोरे

जन्म - 4 सितम्बर, 1962 बरोदा गुजरात
प्रमुख टीमें - भारत, बरोदा
बल्लेबाज़ी शैली - दाएं हाथ के बल्लेबाज़
गेंदबाज़ी शैली - लेगब्रेक
क्षेत्ररक्षण स्थान - विकेटकीपर

Vijay Dahiya

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टेस्ट पदार्पण - इंग्लैंड बनाम भारत, लॉर्ड्स जून 5-10, 1986
अंतिम टेस्ट - श्रीलंका बनाम भारत, कोलोंबो अगस्त 4-9, 1993

एकदिवसीय पदार्पण - भारत बनाम इंग्लैंड, पुणे, दिसंबर 5, 1984
अंतिम एकदिवसीय - भारत बनाम इंग्लैंड, ग्वालियर, मार्च 5, 1993

किरण मोरे ने भारत के लिए 49 टेस्ट और 94 एकदिवसीय मैचों में 7 अर्धशतकों के साथ कुल 1848 रन बनाए और 173 कैच, 47 स्टंपिंग को अंजाम दिया। किरण मोरे ने अपना प्रथम श्रेणी पदार्पण बरोदा के लिए खेलते हुए सन्न 1980 में किया. घरेलु क्रिकेट में कुछ शुरूआती सफलता के बाद मोरे ने 5 दिसंबर 1984 को इंग्लैंड के खिलाफ घरेलु श्रंखला के पहले एकदिवसीय मैच में अपना अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया.


Sameer Dighe

किरण मोरे के बल्लेबाज़ी और विकेटकीपिंग कीर्तिमान:

बल्लेबाज़ी मैच रन सर्वश्रेष्ठ औसत 100 50
टेस्ट 49 1285 73 25.7 0 7
एकदिवसीय 94 563 42* 13.09 0 0
टी२० - - - - - -
प्रथम श्रेणी 151 5223 181* 31.08 7 29
लिस्ट ए 145 1151 82 15.98 0 2
टी२० - - - - - -

किरण मोरे के गेंदबाज़ी कीर्तिमान: 

गेंदबाज़ी मैच विकेट सर्वश्रेष्ठ औसत इकॉनमी
टेस्ट 49 0 - - -
एकदिवसीय 94 - - - -
टी२० - - - - -
प्रथम श्रेणी 151 1 1/18 180 4.4
लिस्ट ए 145 1 1/14 20 5
टी२० - - - - -

मोरे ने अपना टेस्ट पदार्पण 1986 में इंग्लैंड के विरुद्ध किया जहाँ उन्होंने सीरीज़ में 16 कैच पकड़ कर किसी भी भारतीय विकेटकीपर द्वारा इंग्लैंड के खिलाफ सबसे ज़्यादा शिकार करने का रिकॉर्ड बनाया. इसके बाद से खेल के सबसे लम्बे प्रारूप में मोरे भारतीय टीम की सबसे पहली पसंद बन गए. 

मोरे 1992 विश्व कप में भारतीय टीम के सदस्य थे. उनके अत्यधिक अपील करने से चिढ कर हवा में बंदरों की तरह कूद कूद कर नौटंकी करने पर मजबूर हुए. मोरे ने एकदिवसीय क्रिकेट में बल्ले से कुछ ख़ास योगदान कभी नहीं दिया. टेस्ट मैचों में 1990 में न्यूज़ीलैंड के नेपियर में खेली गयी 73 रनों की पारी उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा. 1993 में मोरे ने बड़ौदा के ही अपने साथी खिलाड़ी नयन मोंगिया के हाथों अपनी जगह खो दी.

Saba Karim

मोरे ने इसके बाद बड़ौदा के लिए 1998 तक खेलना जारी रखा जिसके बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा कर दी. 2002 में किरण मोरे को भारतीय क्रिकेट का प्रमुख चयनकर्ता बनाया गया, जिस पद पर वे 4 साल तक कार्यरत रहे. मोरे इसके बाद अपने पुराने सह खिलाड़ी कपिल देव के साथ बीसीसीआई के विरोधी आईसीएल के साथ जुड़े और बीसीसीआई द्वारा तुरंत बैन कर दिए गए. हालांकि 2012 में उन पर से यह पाबंदी हटा दी गई और उनके पुनः क्रिकेट की दुनिया में वापसी के द्वार खुल गए.

शुरुआती करियर - 

1970 के अंत के दशक में मोरे ने अंडर 19 टीम के लिए खेलना शुरू किया। उस समय वे मुंबई में आयोजित टाइम्स शील्ड ट्रॉफी में टाटा स्पोर्ट्स क्लब के लिए खेलते थे। 1982 में मोरे ने नार्थ लंकाशायर लीग में बैरो के लिए खेला। 1982-83 के दौरान मोरे को सईद किरमानी के साथ वेस्टइंडीज़ दौरे पर ले जाया गया लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट मैच खेलने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। 

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