Sadagoppan Ramesh Records & Statistics Hindi | Indian Cricket

सदगोपन रमेश पूर्व बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज़ हैं जिन्होंने भारत के लिए 19 टेस्ट मैचों में 1367 रन, और 24 एकदिवसीय मैचों में 646 रन बनाए। रमेश ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए 2 शतक और 14 अर्धशतक बनाए।सदगोपन रमेश ने घरेलु क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में अपना सफर तय किया, जिसमें भारत A के लिए खेलते हुए वेस्टइंडीज़ A के खिलाफ बनाया गया शतक अहम था.

पूरा नाम -

सदगोपन रमेश

जन्म - अक्टूबर 16, 1975 चेन्नई, तमिल नाडु
प्रमुख टीमें - भारत, तमिल नाडु
भूमिका - सलामी बल्लेबाज़
बल्लेबाज़ी शैली - बाएं हाथ के बल्लेबाज़
गेंदबाज़ी शैली - दाएं हाथ के ऑफब्रेक

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Sadagopan Ramesh Records Hindi | Sadagopan Ramesh Statistics Hindi | Indian Cricket

सदगोपन रमेश के बल्लेबाज़ी कीर्तिमान:

Batting Mat Runs HS Ave 100 50
Tests 19 1367 143 37.97 2 8
ODIs 24 646 82 28.08 0 6
First-class 116 7696 187 43.23 20 38
List A 82 2475 105 32.56 2 18

सदगोपन रमेश के गेंदबाज़ी कीर्तिमान:

Bowling Mat Wkts BBI Ave Econ
Tests 19 0 - - 4.77
ODIs 24 1 1/23 38 6.33
First-class 116 3 1/22 94.66 3.64
List A 82 10 5/31 10.1 4.77

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टेस्ट पदार्पण - भारत बनाम पाकिस्तान चेन्नई, जनवरी 28, 1999
अंतिम टेस्ट - श्रीलंका बनाम भारत कोलोंबो, अगस्त 29, 2001

एकदिवसीय पदार्पण - भारत बनाम श्रीलंका पुणे, मार्च 30, 1999 
अंतिम एकदिवसीय - भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका नैरोबी, अक्टूबर 3, 1999

के श्रीकांत ने रमेश के शामिल होने की जोरदार वकालत की और चयनकर्ताओं ने बल्लेबाजों की तलाश करते हुए, तमिलनाडु के बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज को 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने गृहनगर चेन्नई में बड़ा ब्रेक देने का फैसला किया। दो ऐसे गुण प्रदर्शित करना जो किसी भी ओपनिंग बल्लेबाज में सबसे ऊपर होना चाहिए - साहस और बड़ा मैच स्वभाव - रमेश को तुरंत सफलता मिली। उन्होंने वसीम अकरम, वकार यूनुस और शोएब अख्तर की तेज़ गेंदबाज़ी खेली और सकलेन मुश्ताक और मुश्ताक अहमद की फिरकी भी बराबर आसानी से खेली. इस श्रंखला में रमेश ने दो शतक लगाते हुए लगातार बढ़िया बल्लेबाज़ी की और अचानक भारत ने एक विश्व स्तरीय सलामी बल्लेबाज़ का पता लगा लिया।


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लेकिन जबकि रमेश अपने शुरुआती 6 मैचों के बाद 50 का औसत बनाए हुए थे, तब भी ऐसे तमाम लोग थे जिन्होंने उनके दोषपूर्ण फुटवर्क और कमज़ोर तकनीक की ओर इशारा किया। इसके बाद कुछ ऐसे लोग सामने आए जिन्होंने कहा कि वह उपमहाद्वीप के बाहर कभी नहीं चल पाएँगे और वह तेज और उछाल वाली पिचों पर ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करेंगे। चुनौती लेते हुए, रमेश ने साबित कर दिया कि वह किसी भी स्थिति में रन बना सकते हैं और जब हालाँकि यारा नदी को रमेश ने आग तो नहीं लगाई , पर उन्होंने अपने विरोधियों को गलत साबित करने के लिए पर्याप्त किया। लेकिन उन्होंने अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए संघर्ष किया, और 2001-02 में श्रीलंका में एक श्रृंखला के बाद, जहां उन्होंने छह पारियों में 30 बार पांच का स्कोर पार किया पर केवल एक अर्धशतक बनाया, उन्हें ड्रॉप कर दिया गया।

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फिल्मी करियर

रमेश ने अप्रैल 2008 में रिलीज़ हुई एक तमिल फिल्म, संतोष सुब्रमण्यम में अभिनय किया है। उन्होंने पहली बार फिल्म पोटका पोटी में एक प्रमुख अभिनेता की भूमिका निभाई।

व्यक्तिगत जीवन

रमेश ने 2002 में अपर्णा से शादी की। उनकी एक बेटी और बेटा है।

व्यापार कैरियर

2019 में, रमेश ने एक मल्टीपर्पस कराओके स्टूडियो 'स्वरास' में निवेश किया।


Top Facts about Sadagoppan Ramesh:

1. सदगोपन रमेश ने 10 साल की उम्र में टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलना शुरू किया और वे मध्य गति से गेंदबाज़ी करते थे। अंडर-13 के सिलेक्शन में रमेश ने विकेट भी लिए लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इसके बाद रमेश ने फ़्रस्ट्रेशन में स्पिन गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया और अपेक्षा के विपरीत अंडर-16 में उनका चयन हो गया। 

2. 1999 के कोका कोला कप में सौरव गांगुली पहली बार भारत की कप्तानी कर रहे थे। वेस्टइंडीज़ के खिलाफ खेले गए इस मैच में गांगुली ने रमेश को अचानक गेंदबाज़ी करने के लिए बुलाया और उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में अपनी पहली गेंद पर ही विकेट ले कर भारत के लिए कीर्तिमान बनाया। इसके अनेक वर्षों बाद भुवनेश्वर कुमार ने सदगोपन रमेश के इस रिकॉर्ड की बराबरी की। 

3. रमेश ने अंडर-16 क्रिकेट में हमेशा नंबर 8 और 9 पर बल्लेबाज़ी की और धीरे धीरे मध्य क्रम में बल्लेबाज़ी के लिए ऊपर बढ़ते गए। एक क्लब मैच के दौरान, एक ओपनर के चोटिल होने के कारण रमेश को ओपनिंग करने का मौका मिला और उन्होंने रनों का एक अम्बार लगाते हुए ये पोज़िशन अपनी बना ली। 


4. सदगोपन रमेश का 1998-99 का घरेलु सीज़न ज़बरदस्त रहा और उन्होंने 52 के औसत से रणजी ट्रॉफी में रन बनाए। इसी साल नवजोत सिद्धू के अकस्मात् संन्यास ने रमेश के लिए भारतीय टीम के द्वार खोल दिए।  


5. सदगोपन रमेश ने 1999 में चेन्नई के अपने घरेलु मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट पदार्पण किया। वसीम, वक़ार और शोएब अख्तर जैसे खतरनाक गेंदबाज़ो के सामने रमेश ने महज़ 41 गेंदों पर 43 रन की पारी खेली और सबको प्रभावित किया। दुर्भाग्यवश भारत ये मैच सचिन तेंदुलकर की 136 रन की शानदार पारी के बावजूद चोक कर के हार गया। 


6. दिल्ली में खेला गया रमेश का दूसरा टेस्ट क्रिकेट इतिहास में अपनी जगह बना गया। मैच के हीरो थे दूसरी पारी में 10 विकेट ले कर जिम लेकर के रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले अनिल कुंबले, लेकिन इसी मैच में रमेश ने अपनी बल्लेबाज़ी की बदौलत भारत को मैच जीतने लायक स्थिति में पहुँचाया था। रमेश ने पहली पारी में 60 और दूसरी पारी में 96 रन बनाए। 


7. टेस्ट क्रिकेट में शानदार आगाज़ के दम पर महज़ 4 महीने में रमेश ने खुद को 1999 विश्व कप के लिए भारत की टीम में पाया। रमेश को 5 मैच खेलने का अवसर मिला जिसमें उन्होंने ज़िम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक के साथ कुल 144 रन बनाए। 


8. टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन के लिए सदगोपन रमेश को 1999 में भारतीय क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर का अवार्ड मिला। इसके तुरंत बाद रमेश को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए चुना गया लेकिन भारत बुरी तरह से तीनों टेस्ट मैच हार गया। रमेश 3 मैचों में कुल 60 रन ही बना सके। 


9. 2001 श्रीलंका टेस्ट सीरीज़ रमेश के करियर की आखिरी साबित हुई। भारत ये सीरीज़ 2-1 से हार गया लेकिन रमेश ने 37 से ज़्यादा के औसत के साथ 223 रन बनाए, जो भारत के लिए दूसरे सबसे ज़्यादा थे। इस सीरीज़ के बाद रमेश का टीम से ड्राप होना निश्चित ही दुर्भाग्यपूर्ण था। 


10. क्रिकेट की दुनिया से जल्दी पैक अप हो जाने के बाद भी रमेश ने ज़िन्दगी से हिम्मत नहीं हारी और एक यु-टर्न लेते हुए फ़िल्मी दुनिया में कदम रखा। रमेश ने दक्षिण फिल्म इंडस्ट्री में अपने अभिनय का लोहा मनवाया और आज वे जेनेलिया डिसूज़ा और प्रकाश राज जैसे कलाकारों के साथ फिल्में कर चुके एक सफल एक्टर हैं। 


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