तिलकरत्ने दिलशान के क्रिकेट करियर को दो भागों में बात कर देखा जा सकता है, एक 2009 से पहले और दूसरा 2009 के बाद, जहां वे एक क्रांति के तौर पर अपनी वापसी कर रहे थे.
पूरा नाम - तिलकरत्ने मुडियांसेलगे दिलशान
जन्म - अक्टूबर 14, 1976 कलउतारा
प्रमुख टीमें - श्रीलंका, एशिया XI, दिल्ली डेरडेविल्स, गुयाना अमेज़न वारियर्स, कराची किंग्स, रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर, सिंघा स्पोर्ट्स क्लब, पेशावर जलमी
Sanath Jayasuriya Records
भूमिका - आल राउंडर
बल्लेबाज़ी शैली - दाएं हाथ के बल्लेबाज़
गेंदबाज़ी शैली - दाएं हाथ के ऑफब्रेक
क्षेत्ररक्षण स्थिति - विकेटकीपर
Kumar Sangakkara Records
तिलकरत्ने दिलशान के बल्लेबाज़ी कीर्तिमान:
| Mat | Inns | NO | Runs | HS | Ave | BF | SR | 100 | 50 | 4s | 6s | Ct | St | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Tests | 87 | 145 | 11 | 5492 | 193 | 40.98 | 8379 | 65.54 | 16 | 23 | 677 | 24 | 88 | 0 |
| ODIs | 330 | 303 | 41 | 10290 | 161* | 39.27 | 11933 | 86.23 | 22 | 47 | 1111 | 55 | 123 | 1 |
| T20Is | 80 | 79 | 12 | 1889 | 104* | 28.19 | 1567 | 120.54 | 1 | 13 | 223 | 33 | 31 | 2 |
| First-class | 233 | 384 | 24 | 13979 | 200* | 38.83 | 38 | 59 | 356 | 23 | ||||
| List A | 449 | 416 | 54 | 14314 | 188 | 39.54 | 30 | 71 | 204 | 8 | ||||
| T20s | 221 | 217 | 25 | 5193 | 104* | 27.04 | 4228 | 122.82 | 1 | 34 | 633 | 110 | 79 | 3 |
तिलकरत्ने दिलशान के गेंदबाज़ी कीर्तिमान:
| Mat | Inns | Balls | Runs | Wkts | BBI | BBM | Ave | Econ | SR | 4w | 5w | 10 | |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Tests | 87 | 76 | 3385 | 1711 | 39 | 4/10 | 4/10 | 43.87 | 3.03 | 86.7 | 1 | 0 | 0 |
| ODIs | 330 | 204 | 5880 | 4778 | 106 | 4/4 | 4/4 | 45.07 | 4.87 | 55.4 | 3 | 0 | 0 |
| T20Is | 80 | 25 | 258 | 313 | 9 | 2/4 | 2/4 | 34.77 | 7.27 | 28.6 | 0 | 0 | 0 |
| First-class | 233 | 6501 | 3255 | 90 | 5/49 | 36.16 | 3.00 | 72.2 | 1 | 0 | |||
| List A | 449 | 7871 | 6303 | 152 | 4/4 | 4/4 | 41.46 | 4.80 | 51.7 | 4 | 0 | 0 | |
| T20s | 221 | 116 | 1564 | 1892 | 64 | 3/16 | 3/16 | 29.56 | 7.25 | 24.4 | 0 | 0 | 0 |
टेस्ट पदार्पण - ज़िम्बाब्वे बनाम श्रीलंका बुलवायो, नवम्बर 18, 1999
अंतिम टेस्ट - श्रीलंका बनाम बांग्लादेश कोलोंबो, मार्च 16, 2013
एकदिवसीय पदार्पण - ज़िम्बाब्वे बनाम श्रीलंका बुलवायो, दिसंबर 11, 1999
अंतिम एकदिवसीय - श्रीलंका बनाम ऑस्ट्रेलिया दाम्बुला, अगस्त 28, 2016
टी20 पदार्पण - इंग्लैंड बनाम श्रीलंका सॉउथम्पटन, जून 15, 2006
अंतिम टी20 - श्रीलंका बनाम ऑस्ट्रेलिया कोलोंबो, सितम्बर 9, 2016
एक शानदार काउंटर-हमलावर, दिलशान में सेट होने के बाद फील्ड को बुरी तरह से काटने की क्षमता थी। एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर श्रीलंका ने दिलशान को अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल खेलने की छूट दी और इस नयी भूमिका में दिलशान एक क्रांति की तरह क्रिकेट की पटल पर उजागर हुए। जयसूर्या के क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद तय था की श्रीलंका को एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर आक्रामकता की आवश्यकता थी और दिलशान इस मौके को पूरी तरह भुनाने के लिए तैयार थे।
दिलशान ने 1999 में जिम्बाब्वे में अपनी पहली सीरीज़ में धमाकेदार 163 राण की पारी के साथ अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर खुद की घोषणा की। उन्हें इस क्रम से ऊपर और नीचे ले जाया गया और वह 2001 में टीम से बाहर होने से पहले अपने अगले 8 टेस्ट में पचास तक पहुँचने में असफल रहे।
दिलशान के पुनरुद्धार का प्रदर्शन तब हुआ जब 2003 में उन्हें वापस बुला लिया गया, और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टेस्ट में 356 रन बनाए। वह टीम का नियमित सदस्य बन चुके थे, और इसके बाद पीछे मुड़कर ना देखते हुए दिलशान ने वर्षों तक निरंतरता से शानदार प्रदर्शन किया।
एक शानदार काउंटर-हमलावर, दिलशान में सेट होने के बाद फील्ड को बुरी तरह से काटने की क्षमता थी। एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर श्रीलंका ने दिलशान को अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल खेलने की छूट दी और इस नयी भूमिका में दिलशान एक क्रांति की तरह क्रिकेट की पटल पर उजागर हुए। जयसूर्या के क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद तय था की श्रीलंका को एक सलामी बल्लेबाज़ के तौर पर आक्रामकता की आवश्यकता थी और दिलशान इस मौके को पूरी तरह भुनाने के लिए तैयार थे।
दिलशान ने 1999 में जिम्बाब्वे में अपनी पहली सीरीज़ में धमाकेदार 163 राण की पारी के साथ अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर खुद की घोषणा की। उन्हें इस क्रम से ऊपर और नीचे ले जाया गया और वह 2001 में टीम से बाहर होने से पहले अपने अगले 8 टेस्ट में पचास तक पहुँचने में असफल रहे।
दिलशान के पुनरुद्धार का प्रदर्शन तब हुआ जब 2003 में उन्हें वापस बुला लिया गया, और उन्होंने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टेस्ट में 356 रन बनाए। वह टीम का नियमित सदस्य बन चुके थे, और इसके बाद पीछे मुड़कर ना देखते हुए दिलशान ने वर्षों तक निरंतरता से शानदार प्रदर्शन किया।

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