मुरली कार्तिक ने भारत के लिए 8 टेस्ट, 37 एकदिवसीय और 1 टी२० मैच में 61 विकेट लिए हैं। एक धीमे पुरानी शैली के बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज़ मुरली कार्तिक लम्बे आरसे तक भारतीय टीम के साथ भी रहे किन्तु उतने मैच नहीं खेल सके जितना वो चाहते होंगे.
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मुरली कार्तिक
जन्म - सितम्बर 11, 1976 चेन्नई, तमिल नाडुप्रमुख टीमें - भारत, इंडिया ग्रीन, किंग्स एलेवेन पंजाब, कोलकाता नाइटराइडर्स, लंकाशायर, मिड्डलसेक्स, पुणे वारियर्स, रॉयल चैलेंजर्स बंगलौर
भूमिका - गेंदबाज़
बल्लेबाज़ी शैली - बाएं हाथ के बल्लेबाज़
गेंदबाज़ी शैली - धीमे बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स
प्रज्ञान ओझा - भारत - रिकॉर्ड
मुरली कार्तिक के बल्लेबाज़ी कीर्तिमान:
| बल्लेबाज़ी | मैच | रन | सर्वश्रेष्ठ | औसत | 100 | 50 |
| टेस्ट | 8 | 88 | 43 | 9.77 | 0 | 0 |
| एकदिवसीय | 37 | 126 | 32* | 14 | 0 | 0 |
| टी२० | 1 | - | - | - | - | - |
| प्रथम श्रेणी | 203 | 4423 | 96 | 20.19 | 0 | 21 |
| लिस्ट ए | 194 | 773 | 44 | 11.89 | 0 | 0 |
| टी२० | 147 | 320 | 35 | 12.8 | 0 | 0 |
मुरली कार्तिक के गेंदबाज़ी कीर्तिमान:
| गेंदबाज़ी | मैच | विकेट | सर्वश्रेष्ठ | औसत | इकॉनमी |
| टेस्ट | 8 | 24 | 4/44 | 34.16 | 2.54 |
| एकदिवसीय | 37 | 37 | 6/27 | 43.56 | 5.07 |
| टी२० | 1 | 0 | - | - | 6.75 |
| प्रथम श्रेणी | 203 | 644 | 9/70 | 26.7 | 2.42 |
| लिस्ट ए | 194 | 249 | 6/27 | 28.29 | 4.39 |
| टी२० | 147 | 110 | 5/13 | 31.36 | 6.74 |
टेस्ट पदार्पण - भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, मुंबई फरवरी 24, 2000
अंतिम टेस्ट - भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, कानपूर नवम्बर 20, 2004
एकदिवसीय पदार्पण - भारत बनाम ज़िम्बाब्वे, हैदराबाद मार्च 16, 2002
अंतिम एकदिवसीय - भारत बनाम पाकिस्तान, जयपुर नवम्बर 18, 2007
Amit Mishra Records & Statistics
कोचिंग किताबों में बताया जाने वाला हाई आर्म एक्शन और स्पिन गेंदबाज़ी के तमाम पैतरों के धनि मुरली कार्तिक को भारतीय टीम में बहुत ज़्यादा मौके नहीं मिले और वे अनिल कुंबले और हरभजन सिंह की छत्रछाया में अपनी क्रिकेट खेलते रहे. 2011 के भारत के शर्मनाक इंग्लैंड दौरे के दौरान कार्तिक टीम सिलेक्शन के नज़दीक आये लेकिन उनकी जगह अमित मिश्रा को तरजीह दी गई. 1999-2000 में घरेलु क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर कार्तिक सीधे भारतीय टीम में शामिल हुए लेकिन वे सौरव गांगुली का भरोसा जीतने में सफल नहीं रहे और गांगुली ने कार्तिक को हमेशा एक रक्षात्मक या रन रोकने वाले गेंदबाज़ के रूप में प्रयोग किया. एकदिवसीय क्रिकेट में कार्तिक ने फिर भी अपना लोहा मनवाया जहाँ उन्होंने 2002-03 की वेस्टइंडीज़ सीरीज़ में सपाट पिचों पर बल्लेबाज़ों को खूब परेशान किया.

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