पूरा नाम -
नील क्लार्कसन जॉनसन
जन्म - 24 जनवरी 1970, सेलिसबरी (अब हरारे)
प्रमुख टीमें - आयरलैंड, जिम्बाब्वे, पूर्वी प्रांत, हैम्पशायर, लीसेस्टरशायर,
माटाबेलेलैंड, नटाल, पश्चिमी प्रांत, पश्चिमी प्रांत बोलैंड
बल्लेबाजी शैली -बाएं हाथ के बल्लेबाज़
बॉलिंग स्टाइल - राइट-आर्म फास्ट-मीडियम
क्षेत्ररक्षण स्थिति - समसामयिक विकेटकीपर
शिक्षा - होइक एचएस; किंग्सवुड कॉलेज, यूपीई
नील जॉनसन ने ज़िम्बाब्वे के लिए 13 टेस्ट और 48 एकदिवसीय मैचों में 5 शतक और 15 अर्धशतकों के साथ 2211 रन बनाए और 50 विकेट लिए। जिम्बाब्वे के लिए सबसे धाराप्रवाह ऑलराउंडरों में से एक, नील जॉनसन ने संक्षिप्त समय में बताया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला था। वह एकदिवसीय मैचों में एक आक्रामक सलामी बल्लेबाज थे और एक हमलावर सीम गेंदबाज भी थे।
नील जॉनसन के बल्लेबाज़ी कीर्तिमान:
| बल्लेबाज़ी | मैच | रन | सर्वश्रेष्ठ | औसत | 100 | 50 |
| टेस्ट | 13 | 532 | 107 | 24.18 | 1 | 4 |
| एकदिवसीय | 48 | 1679 | 132* | 36.5 | 4 | 11 |
| टी२० | - | - | - | - | - | - |
| प्रथम श्रेणी | 161 | 7569 | 150 | 34.4 | 11 | 53 |
| लिस्ट ए | 232 | 7019 | 146* | 35.99 | 13 | 40 |
| टी२० | 4 | 54 | 44 | 13.5 | 0 | 0 |
नील जॉनसन के गेंदबाज़ी कीर्तिमान:
| गेंदबाज़ी | मैच | विकेट | सर्वश्रेष्ठ | औसत | इकॉनमी |
| टेस्ट | 13 | 15 | 4/77 | 39.6 | 3 |
| एकदिवसीय | 48 | 35 | 4/42 | 34.85 | 4.87 |
| टी२० | - | - | - | - | - |
| प्रथम श्रेणी | 161 | 230 | 5/79 | 33.13 | 3.09 |
| लिस्ट ए | 232 | 153 | 4/19 | 34.7 | 5.19 |
| टी२० | 4 | 1 | 1/12 | 59 | 5.9 |
टेस्ट पदार्पण - ज़िम्बाब्वे बनाम भारत हरारे, 7 अक्टूबर, 1998
अंतिम टेस्ट - इंग्लैंड बनाम ज़िम्बाब्वे नाटिंघम, 1 जून, 2000
एकदिवसीय पदार्पण - न्यूज़ीलैंड बनाम ज़िम्बाब्वे ढाका, 24 अक्टूबर, 1998
अंतिम एकदिवसीय - इंग्लैंड बनाम ज़िम्बाब्वे लॉर्ड्स, 22 जुलाई, 2000
ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के स्वर्णिम दौर के सबसे उम्दा आलराउंडर थे नील जॉनसन। ओपनिंग बैटिंग और बॉलिंग करने वाले नील जॉनसन के बारे में आइए जानते हैं कुछ दिलचस्प फैक्ट्स -
1. जॉनसन का जन्म हरारे में हुआ और उसके कुछ समय बाद ही उनके माता-पिता दक्षिण अफ्रीका चले आए। ईस्टर्न प्रोविंस, नेटल, वेस्टर्न प्रोविंस और बोलैंड समेत नील जॉनसन कई दक्षिण अफ्रीकी घरेलु टीमों के लिए खेले लेकिन 90 के दशक में दक्षिण अफ्रीका की टीम में बेहतरीन आलराउंडरों की मौजूदगी के कारण उनका चयन होना असंभव था।
2. ये संयोग की बात है कि नील जॉनसन उस दक्षिण अफ्रीका A टीम के सदस्य थे जिसने 1994-95 के सीज़न में ज़िम्बाब्वे का दौरा किया था। अपनी जन्मभूमि के खिलाफ खेलते समय जॉनसन को कुछ उसी प्रकार की अनुभूति हुई होगी जैसी केविन पीटरसन को इंग्लैंड के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर 2004-05 में आई थी।
3. ज़िम्बाब्वे के लिए घरेलु क्रिकेट खेलने के बाद जॉनसन ने इंग्लैंड का रुख किया जहाँ उन्होंने लाइसेस्टर्शायर के लिए बतौर आलराउंडर खेला। इसके बाद जॉनसन ने ज़िम्बाब्वे के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया और 3 विकेट ले कर ज़िम्बाब्वे की जीत में अपनी भूमिका निभाई।
4. 1999 के पाकिस्तान टेस्ट दौरे के लिए नील जॉनसन को टीम में शामिल किया गया और पहली पारी में शानदार 107 रन की पारी खेल जॉनसन ने ज़िम्बाब्वे को ऐतिहासिक जीत दिलाई। ज़िम्बाब्वे ने ये सीरीज़ 1-0 से अपने नाम की।
5. 1999 वर्ल्ड कप में लांस क्लूज़नर, राहुल द्रविड़ और शेन वार्न जैसे बड़े नामों के साथ ही नील जॉनसन भी एक हीरो के रूप में उभरे जिन्होंने ज़िम्बाब्वे को सुपर सिक्स के लिए क्वालीफाई करवाया। जॉनसन ने केन्या के खिलाफ मैच में 42 रन दे कर 4 विकेट लिए और 59 रन बनाकर मैच जिताया। भारत के खिलाफ मैच में भी जॉनसन ने इन फॉर्म सौरव गांगुली का विकेट लिया। इसके बाद श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ हार के बाद ज़िम्बाब्वे को दक्षिण अफ्रीका को हराना ज़रूरी था, जिस मैच में जॉनसन ने 76 रन बनाए और फिर 27 रन पर 3 विकेट ले कर दक्षिण अफ्रीका को धराशाई कर दिया। इसके अलावा भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जॉनसन ने 132 रन की पारी खेल लगभग ज़िम्बाब्वे को मैच जिता ही दिया था।
6. नील जॉनसन अपने करियर के सबसे अच्छे फॉर्म में चल रहे थे और इंग्लैंड दौरे के बाद अचानक आई उनके सन्यास की खबर ने क्रिकेट दुनिया को चौंका दिया। ज़िम्बाब्वे में राजनीतिक स्थिति बदतर होती जा रही थी और ज़्यादातर ज़िम्बाब्वे के खिलाड़ियों ने इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का रुख किया। जॉनसन ने दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के लिए कुछ वर्षों तक घरेलु क्रिकेट खेला और फिर 2004 में क्रिकेट से सम्पूर्ण संन्यास ले लिया।

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